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egujaratitimes.com

कार्डलेस कैश विद्ड्रॉल की सुविधा
14:45 24/08/2020
एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक आदि कार्डलेस कैश विद्ड्रॉल की सुविधा दे रहे हैं। इस सुविधा के तहत, कार्डधारक अपने डेबिट कार्ड के बिना भी नकदी निकाल सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने फोन का इस्तेमाल करना होगा। मालूम हो कि यह सुविधा केवल एक बैंक के एटीएम में उपलब्ध है, और किसी भी अन्य बैंक के एटीएम में यह सुविधा काम नहीं करेगा। बैंक लेन-देन के लिए एक बार का पासवर्ड (ओटीपी) जनरेट करेगा, जिसे आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज किया जाएगा।
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इस बार वेतन में हुई कम बढ़ोतरी
14:45 24/08/2020
कोरोना वायरस महामारी के बीच कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष 2020-21 में अपने कर्मचारियों को औसतन 3.6 प्रतिशत की वेतनवृद्धि दी है। पिछले वित्त वर्ष में कर्मचारियों का वेतन औसतन 8.6 प्रतिशत बढ़ा था। वहीं बड़ी संख्या में कंपनियों का मानना है कि कोविड-19 की वजह से 2020-21 में उनकी आमदनी में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आएगी। सर्वे के अनुसार, ‘‘10 में से सिर्फ चार कंपनियों ने 2020 में कर्मचारियों को वेतनवृद्धि दी है। 33 प्रतिशत कंपनियों ने कर्मचारियों के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है। वहीं अन्य कंपनियों ने अभी इस पर फैसला नहीं किया है।
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फ्यूचर रिटेल (बिगबाजार व अन्य) डिफॉल्ट के कगार पर
14:46 24/08/2020
किशोर बियानी की कंपनी फ्यूचर रिटेल (बिगबाजार व अन्य) के लिए आज का दिन काफी अहम है। कंपनी को अपने कूपन होल्डर्स को 105 करोड़ रुपए (1.40 करोड़ डॉलर) का इंटरेस्ट चुकाना है। इंटरेस्ट का यह बकाया 50 करोड़ डॉलर के सीनियर सिक्योर्ड नोट्स का है। बियानी की रिटेल कंपनी अगर आज इंटरेस्ट नहीं चुका पाती है तो यह डिफॉल्ट कर जाएगी। इसके बाद रेटिंग एजेंसियां इसकी रेटिंग डाउनग्रेड कर सकती है। इस साल मार्च में लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही किशोर बियानी की कंपनियां मुश्किल में पड़ गईं। कंपनी की वित्तीय स्थिति पहले से डांवाडोल थी। ऐसे में लॉकडाउन ने इसकी हालत और खराब कर दी।
सितंबर 2019 में फ्यूचर ग्रुप पर 12,779 करोड़ रुपए का कंसॉलिडेटेड कर्ज था। मार्च 2019 तक इसकी फ्लैगशिप कंपनी फ्यूचर रिटेल पर 2657 करोड़ रुपए का कर्ज था।
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डिजिटल भुगतान
14:45 24/08/2020
भारत में डिजिटल भुगतान के 2025 तक तीन गुना बढ़कर 7,092 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा कि देश में डिजिटल भुगतान बाजार 2019-20 में लगभग 2,162 लाख करोड़ रुपए का था। इस समय 16 करोड़ मोबाइल उपयोगकर्ता डिजिटल भुगतान करते हैं, जिनकी संख्या 2025 तक पांच गुनी होकर 80 करोड़ हो जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक कुल डिजिटल भुगतान में मोबाइल भुगतान की हिस्सेदारी 2025 तक करीब 3.5 प्रतिशत होगी, जो मौजूदा हिस्सेदारी के मुकाबले एक प्रतिशत अधिक है।
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412 परियोजनाओं की लागत 4.11 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई
14:45 24/08/2020
देरी और अन्य कारणों से देश में 150 करोड़ या इससे ज्यादा की 412 परियोजनाओं की लागत 4.11 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस श्रेणी की 1683 परियोजनाओं में से 412 की लागत बढ़ गई है, जबकि 471 परियोजनाएं तय समय से देरी से चल रही हैं। जून, 2020 के लिए मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, '1683 परियोजनाओं की शुरुआती लागत 20,65,336.20 करोड़ रुपये थी और अब इनके पूरा होने तक लागत 24,77,167.67 करोड़ रुपये तक पहुंच जाने का अनुमान है। इन पर अब तक 11,21,435.29 करोड़ रुपये का खर्च किया जा चुका है।'
रिपोर्ट में बताया गया है कि 127 परियोजनाएं एक से 12 महीने की देरी से, 112 परियोजनाएं 13 से 24 महीने की देरी से, 127 परियोजनाएं 25 से 60 महीने और 105 परियोजनाएं 61 महीने या उससे ज्यादा देरी से चल रही हैं। परियोजनाओं की देरी के लिए फाइनेंसिंग के लिए समझौते, टेंडर, उपकरणों की आपूर्ति जैसे कई अन्य कारण जिम्मेदार बताए गए हैं। वहीं भूमि अधिग्रहण और अन्य मंजूरियों में देरी के कारण लागत बढ़ी है।
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टॉप 100 ग्लोबल बैंकों की सूची में भारत का केवल एक बैंक
14:44 24/08/2020
मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यन ने यह बात कही। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि टॉप 100 ग्लोबल बैंकों की सूची में भारत का केवल एक बैंक है, जबकि आकार में बहुत छोटे देशों में भी ऐसे कई बैंक हैं। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) 55वें स्थान के साथ टॉप 100 ग्लोबल बैंकों की सूची में एकमात्र भारतीय बैंक है। इस सूची में चीन के 18 बैंक और अमेरिका के 12 बैंक हैं। उन्होंने कहा, 'भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
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बिना टिकट लोगों से 561.73 करोड़ का जुर्माना
14:44 24/08/2020
साल 2019-20 में एक करोड़ से अधिक बिना टिकट यात्रा कर रहे लोगों से भारतीय रेलवे ने 561.73 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है। इस तरह इसमें साल 2018-19 की तुलना छह फीसद की बढ़ोत्तरी हुई है। एक आरटीआई आवेदन से यह जानकारी पता लगी है। रेलवे ने साल 2016 से 2020 के बीच बिना टिकट यात्रा कर रहे लोगों से जुर्माना वसूल कर 1,938 करोड़ रुपये की कमाई की है। रेलवे ने साल 2016-17 में बिना टिकट यात्रियों से 405.30 करोड़ रुपये का जुर्माना प्राप्त किया। साल 2017-18 में रेलवे ने बिना टिकट यात्रियों से 441.62 करोड़ रुपये और 2018-19 में 530.06 करोड़ रुपये जुर्माना प्राप्त किया।