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egujaratitimes.com

ખોટા દાવાવાળી 50 જાહેરાતો
14:09 25/06/2020
એડવર્ટાઇઝિંગ સ્ટાન્ડર્ડ્સ કાઉન્સિલ ઓફ ઈન્ડિયા (એએસસીઆઈ) એપ્રિલમાં આયુર્વેદિક અને હોમિયોપેથીક ફાર્માસ્યુટિકલ કંપનીઓના 50 જાહેરાત અભિયાનો શોધી કાઢ્યા હતા જેમાં કોવિડ -19ની સારવારને ભ્રામક ગણાવી હતી. ASCIએ કાર્યવાહી અંગે કેન્દ્ર સરકારને માહિતી આપી છે.
એએસસીઆઈએ કહ્યું કે આયુષ મંત્રાલયે તેમને આવી જાહેરાતો વિશે માહિતી આપવા જણાવ્યું હતું. કાઉન્સિલે આવી 50 કંપનીઓની સૂચિ પણ બહાર પાડી છે કે જેમણે એપ્રિલમાં કોવિડ -19ની સારવાર માટે દવા રજૂ કરી હોવાનો દાવો કર્યો હતો.
આ સૂચિમાં એવી કંપનીઓ શામેલ છે જે ડાયાબિટીઝ, કેન્સર, જાતીય સમસ્યાઓ, બ્લડ પ્રેશર અને માનસિક તાણની સારવાર માટે દાવો કરી રહી છે. દરમિયાન એએસસીઆઈએ હિન્દુસ્તાન યુનિલિવરની એડવાન્સ્ડ મલ્ટી વિટામિન બ્રાન્ડની જાહેરાતને 'ફેર એન્ડ લવલી' બ્રાન્ડને પણ ભ્રામક ગણાવી છે. એપ્રિલમાં કાઉન્સિલનો વાંધો ઉઠાવનારી અન્ય મુખ્ય બ્રાન્ડોમાં એશિયન પેઇન્ટ્સ, રિલાયન્સ ઇન્ડસ્ટ્રીઝ, ટાટા મોટર્સ, એફસીએ ઇન્ડિયા ઓટોમોબાઇલ્સ, ગ્રોફર્સ, મેકમેરાટ્રિપ અને ઈન્ડિગો એરલાઇન્સનો સમાવેશ છે. (ભાષા)
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गलत दावे वाले 50 विज्ञापन 50 ads with false claims
14:09 25/06/2020
भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने अप्रैल में आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवा कंपनियों के कोविड-19 के इलाज का दावा करने वाले 50 विज्ञापन अभियानों को भ्रामक पाया। एएससीआई ने कार्रवाई के लिए इसकी जानकारी केंद्र सरकार को दी है।एएससीआई ने कहा कि आयुष मंत्रालय ने उससे इस तरह के विज्ञापनों की जानकारी देने को कहा था। परिषद ने इसके साथ ही 50 ऐसी कंपनियों की सूची जारी की है जिन्होंने अप्रैल में कोविड-19 के इलाज की दवा पेश करने का दावा किया था।इस सूची में वे कंपनियां शामिल हैं जो मधुमेह, कैंसर, यौन समस्याओं, रक्तचाप और मानसिक तनाव के इलाज का दावा कर रही हैं। इस बीच, एएससीआई ने हिंदुस्तान यूनिलीवर के ‘फेयर एंड लवली’ ब्रांड के एडवांस्ड मल्टी विटामिन से संबंधित विज्ञापन को भी भ्रामक करार दिया है। अप्रैल में जिन अन्य प्रमुख ब्रांडों के विज्ञापन पर परिषद ने आपत्ति जताई है उनमें एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, एफसीए इंडिया ऑटोमोबाइल्स, ग्रोफर्स, मेकमाईट्रिप और इंडिगो एयरलाइंस शामिल हैं। (भाषा)
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हांगकांग जितना बड़ा है चीन का सैनिक प्रशिक्षण कैंप
14:09 25/06/2020
चीन का सबसे बड़ा सैनिक प्रशिक्षण कैंप का नाम जुरिहे कंबाइंड टैक्टिक्स ट्रेनिंग बेस
यहां चीनी सैनिकों को युद्ध जैसी स्थिति में लड़ने के लिए तैयार किया जाता है
इस इलाके का क्षेत्रफल 1,006 वर्ग किलोमीटर है, जो हांगकांग जितना बड़ा है.इस बेस कैंप में चीनी सैनिक अलग-अलग गुटों में बंटकर लड़ाई का अभ्यास करते हैं और सैनिक उतनी ही वास्तविकता से लड़ाई लड़ते हैं जितनी किसी युद्ध की जमीन पर लड़ रहे हों।
ऐसा कहा जाता है कि चीन पिछले 60 सालों से ऐसा कर रहा है ताकि युद्ध के दौरान अपनी सेना को भारी संख्या में तैनात कर सके।
यहां सैनिकों को घर जैसा माहौल देने के लिए अस्पताल, पार्क, थिएटर और दुकानें जैसी सुविधाएं दी हुई हैं। यही नहीं यहां दुश्मन देशों की तरह दिखने वाली कई इमारतें बनी हुई हैं ताकि लड़ाई जैसा माहौल बना रहे।