Welcome to egujaratitimes.com!

प्रोपर्टी टैक्स बिल पुराने सीमांकन अनुसार ही वितरित होंगे

अहमदाबाद: म्युनि. कार्पोरेशन के तकरीबन 18.50 लाख प्रॉपर्टी चैक्स धारकों में से हजारों टैक्स धारकों को आगामी दिनों में उनके टैक्स बिल से संबंधित शिकायत के लिए विभाग में पुरानी व्यवस्था अनुसार दौडऩा पड़ेगा। क्योंकि अब भी टैक्स के मामले पुराने सीमांकन आधारित ही व्यवस्था अमल में रहेगी।
वैसे तो गत नवम्बर 2015 में मनपा के सामान्य चुनाव नये सीमांकन के अनुसार कराये गये थे। जिसके कारण कार्पोरेशन के पूर्व के 64 वार्ड घटकर 48 वार्ड हुए होने का जानने मिला हैं। नये सीमांकन के अनुसार अस्तित्व में आये नये वार्ड में स्टाफ की व्यवस्था, वार्ड ऑफिस आदि मुद्दों का निराकरण करते करते प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पडी अब मुश्किल से नई भॉगोलिक स्थिति के आधार पर नई व्यवस्था की गई होने की जानकारी मिली हैं।
टैक्स विभाग में किसी भी प्रकार का परिवर्तन किया नहीं गया। अब भी पुराने 64 वार्ड अनुसार टैक्स विभाग के 271 टैक्स वार्ड अस्तित्व में हैं। इन 271 टैक्स वार्ड के नये सीमांकन अनुसार पुन: गठन करना जरूरी है। जिसके कारण मौजूदा वार्ड की संख्या घट-बढ़ सकती हैं। जबकि कार्पोरेशन की नई निर्वाचित यूनिट अस्तित्व में आने बाद के छह माह के पश्चात भी टैक्स वार्ड के पुर्नगठन की ओर किसी ने गंभीरता दिखाई नहीं। आगामी एकाद सप्ताह में चालु वित्तीय वर्ष 2016-17 के टैक्स बिल का वितरण किया जाएगा। उस समय तमाम प्रोपर्टी टैक्स करदाताओं को पुराने सीमांकन अनुसार ही बिल प्राप्त होंगे इसलिए अपने टैक्स के बिल से संबंधित विविध प्रकार के आपत्ति- सुझाव के लिए भारी संख्या में करदाता अपने-अपने जोन के वार्ड आफिस अथवा जोनल ऑफिस के चक्कर लगाएंगे। उस समय पुराने सिमांकन के अनुसार की बिलिंग सिस्टम से करदाताओं की आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। टैक्स विभाग द्वारा इस समय तो नये कमिश्नर के निर्देशानुसार पुरानी व्यवस्था अनुसार बिल वितरण के कामकाज पर ध्यान केन्द्रीत किया है। जबकि टैक्स विभाग द्वारा नये सीमांकन अनुसार टैक्स वार्ड का पुन: गठन करने के लिए बिल वितरण के साथ-साथ सर्वे का कार्य भी शुरू किया जाएगा।
संबंधित जोन की सीमा पर के इलेक्शनवार्ड का टेक्स वार्ड के पुन:गठन करने का होता हैं। इसलिए टैक्स विभाग का स्टाफ आमने - सामने वार्ड के इन्सपेक्ट एवं डाउन प्लानिंग विभाग के संबंधित वार्ड के इन्स्पेक्टर की टीम बनाकर के नये सीमांकन का नक्शा साथ में रखकर टैक्स वार्ड का पुन: गठन करेंगे। नये सिमांकन अनुसार के टैक्स वार्ड के पुन:गठन का कार्य आगामी दिसंबर अंत तक जारी रहेगा और इसके बाद नये वित्तीय वर्ष 2017-18 के टैक्स बिल करदाताओं को नये सीमांकन अनुसार मिलेंगे।
नये सीमांकन की वजह से चांदलोडिया, राणिप, असारवा जैसे वार्ड में रहते प्रोपर्टी टैक्स दाताओ को लगभग 25000 से अधिक एन्ट्रीयों पर प्रभाव पड़ा हैं। इसके बावजूद तमाम पुरानी एन्ट्रीयों को नये सिरे से नये वार्ड और नये जोन अनुसार की तैयार करनी होगी।

 

Gujarat's First Hindi Daily ALPAVIRAM's
Epaper

             
   

1

2

3

4

5

6

7

8

9

10

11

12

13

14

15

16

17

18

19

20

21

22

23

24

25

26

27

28

29

30

31

Gujarat's Popular English Daily
FREE PRESS Gujarat's
Epaper

             
   

1

2

3

4

5

6

7

8

9

10

11

12

13

14

15

16

17

18

19

20

21

22

23

24

25

26

27

28

29

30

31

Gujarat's widely circulated Gujarati Daily LOKMITRA's
Epaper

             
   

1

2

3

4

5

6

7

8

9

10

11

12

13

14

15

16

17

18

19

20

21

22

23

24

25

26

27

28

29

30

31

         

 

Contact us on

Archives
01, 02