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लगातार 4 दिनों तक आकाश से उल्का वर्षा का नजारा दिखाई देगा

अहमदाबाद: जाथा के राज्य चेयरमेन जयंत पंड्या बताते है कि गुरु से बुधवार तक आकाश में डेल्टा-एक्वेरीड्स उल्कावर्षा गिरती दिखाई देगी। 16 से 20 जुलाई तक आकाश में क्रमश: उल्कावर्षा दिवाली के पटाखों की आतिशबाजी का रोमांचक दृष्य आकाश गंगा में दिखाई देगा। अवकाशी अज्ञानता के कारण आकाश में अग्नि के डरावने दृष्य देख कुछ लोग अचरज में पड़ भय महसूस करते हैं। वास्तव में अवकाश में उल्का की नियमानुसार वर्षा होती है।
पंड्याजी आगे बताते हैं कि डेल्टा-एक्वेरीड्स उल्कावर्षा अधिकत्तम छह दिन गुरुवार से बुधवार सुबह तक आकाश में दिखाई देगा। इसके बाद 30 जुलाई तक क्रमश: उल्कावर्षा गिरती देखी जा सकेगी। नंगी आंखो से निर्जन स्थल से स्पष्ट रूप से इन्हें देख सकते हैं। उल्कावर्षा वर्ष दरम्यान 10 से 12 बार और अधिक से अधिक पांच बार आकाश में देखने मिलती हैं। इन उल्कावर्षा के पीछे धूमकेतुओं का सतत विसर्जन होना कारणभूत है। सौरमंडल में ऐसे भी धूमकेतु हैं कि जो अपने को सूर्य के भ्रमण दरम्यान पृथ्वी की ओर भ्रमण करते हैं। इन धूमकेतुओ के सतत विसर्जन होता रहता हैं और इसमें से विसर्जित होकर धूमकेतु की दिशा को बनाये रखते है। एक तरह से देखा जाए तो हर धूमकेतु से विसर्जित पदार्थ प्रकाशपुंज छोड़ता हैं। जब पृथ्वी पर ये विसर्जित पदार्थ के बीच से गुजरते हैं तब सापेक्ष गति के कारण ये टुकड़े प्रचंड वेग से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते है। ऐसे समय में इनकी अधिकत्तम रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति सेकण्ड जितनी होती हैं। वातावरण की हवा के साथ घर्षण होने से ये टुकड़े जल उठते है और तेज प्रकाशपुंज, अग्नि के रूप में में अवकाश में देखने को मिलते हैं। इसे फायरबोल, अगनगोला अथवा उल्का वर्षा कहा जाता हैं। इन्टरनेशनल मेटीयोर आर्गेनाइजेशन उल्का वर्षा को रजिस्टर करती हैं।
जाथा के पंड्याजी ने आगे बताया उल्कावर्षा को देखने के लिए मध्यरात्रि बाद और प्रात: अमृत बेला का समय श्रेष्ठ हैं। ज्यादातर उल्का वर्षा प्रात: तडक़े देखने को मिलती हैं। विदेश में लोग समुद्री किनारे तथा पर्वतीय-खंडकाल, निर्जन स्थल का चयन कर चार-पांच दिनों तक अपना डेरा तंबू बांध लेते हैं। चारों दिशाओं में खगोलशास्त्री को की व्यवस्था कर उल्का के आंकडे को दर्ज किया जाता हैं। सैकन्ड की गणना में दिपावली में आतिशबाजी, रंगबिरंगी पटाखों का दृष्य आकाश में दिखाई देगा है। कई लोग गुणवत्ता के दूरबीन की व्यवस्था कर यह नजारा देखते हैं। उल्का वर्षा को क्लिक करने 10 बाय 50 का मेग्नीफिकेशन युक्त दूरबीन लगा सकते हैं।

 

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